उत्तराखंड पहुंचे मॉरीशस के प्रधानमंत्री
उत्तराखंड पहुंचे मॉरीशस के प्रधानमंत्री
टिहरी।मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम यूपी के बाद उत्तराखंड के दौरे पर है. शनिवार को टिहरी जिले के नरेंद्रनगर में मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम का भव्य स्वागत किया गया. स्वागत कार्यक्रम में टिहरी की जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल और एसएसपी आयुष अग्रवाल भी मौजूद रहे.
उत्तराखंड की धार्मिक यात्रा पर आए मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन चंद्र राम गुलाब ने उत्तराखंड के नैसर्गिक सौंदर्य की खूब सराहना की. नरेंद्र नगर राजभवन से दून घाटी ऋषिकेश और गंगा का दृश्य देखकर मॉरीशस के पीएम आनंदित हुये. मॉरीशस पीएम के साथ उनकी पत्नी वीणा रामगोपाल भी मौजूद थी. मॉरीशस के प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी के भारत और उत्तराखंड के इस दौरे के बाद उम्मीद लगाई जा रही है कि दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे. साथ ही इससे दोनों देशों के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.
जिलाधिकारी टिहरी नितिका खंडेलवाल ने बताया मॉरीशस के प्रधानमंत्री भारत में अपनी धार्मिक यात्रा पर आए हैं. उत्तराखंड वे वैलनेस और हीलिंग का अनुभव लेने के लिए नरेंद्रनगर आनंद में रुके हुए हैं. उन्होंने बताया इससे पहले मॉरीशस के प्रधानमंत्री वाराणसी अयोध्या होकर आए हैं. अभी फिलहाल वह उत्तराखंड में योग वैलनेस के क्षेत्र में कुछ नया अनुभव करने की उम्मीद कर रहे हैं. उन्होंने बताया ऋषिकेश या हरिद्वार में प्रधानमंत्री और उनके परिवार का गंगा आरती का कार्यक्रम बन सकता है. अभी फिलहाल इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है.
बता दें कि मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम भारत के दौरे पर है. उत्तराखंड से पहले मॉरीशस पीएम नवीनचंद्र रामगुलाम यूपी के वाराणसी भी गए थे. वाराणसी में ही मॉरीशस पीएम नवीनचंद्र रामगुलाम और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई थी.
इसके अलावा दोनों देशों के बीच वाराणसी में कई समझौतों भी हुए है, जिन पर हस्ताक्षर भी हुए. वाराणसी की बैठक में दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया. प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम ने मॉरीशस के लिए स्पेशल आर्थिक पैकेज के घोषणा की सराहना की. इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ, एजुकेशन और हर सेक्टर के लिए मॉरीशस को मजबूत करने की दिशा में भारत ने अपना हाथ आगे बढ़ाया.
इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा था कि भारत के लिए मॉरीशस के विकास में एक विश्वसनीय और प्राथमिक साझेदार होना गर्व की बात है. आज भारत ने मॉरीशस की आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए एक विशेष आर्थिक पैकेज पर फैसला लिया है. यह पैकेज मॉरीशस के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होगे. साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं भी सुदृढ़ होगी. भारत के बाहर पहला जन औषधि केंद्र अब मॉरीशस में स्थापित हो चुका हैं।
वाराणसी की बैठक को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी ‘संवर्धित सामरिक भागीदारी के लिए भारत-मॉरीशस संयुक्त दृष्टिकोण’ में कहा गया है, “दोनों देशों के बीच व्यापार और वाणिज्यिक संबंधों में विविधता लाने के लिए अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, नेताओं ने सहमति व्यक्त की. दोनों देशों के बीच व्यापार, आर्थिक सहयोग और भागीदारी को और मजबूत करने के लिए सीईसीपीए के तहत उच्च शक्ति संयुक्त व्यापार समिति का दूसरा सत्र आयोजित किया जाएगा.
बयान में कहा गया है, “स्थानीय मुद्राओं, यानी भारतीय रुपया और मॉरीशस रुपया में व्यापार भुगतान की सुविधा प्रदान करना, जो साझेदार केंद्रीय बैंकों द्वारा स्थानीय मुद्रा भुगतान पर समझौता ज्ञापन द्विपक्षीय व्यापार में नुकसान के खतरे को कम करेगा.”।
