उत्तराखंड में 12 नवंबर से शुरू होगा विशेष संक्षिप्त मतदाता पुनरीक्षण अभियान, 4 जनवरी को जारी होगी अंतिम सूची
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने की तैयारियों की समीक्षा, सभी 12,543 मतदान केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश
देहरादून। उत्तराखंड में विशेष संक्षिप्त मतदाता पुनरीक्षण अभियान-2027 (SSR) की तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बुधवार को प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर अभियान की तैयारियों और ईवीएम-वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी 12,543 मतदान केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण करने और वहां आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि जिन मतदान केंद्रों के भवन जर्जर स्थिति में हैं, उन्हें आसपास के सरकारी भवनों में स्थानांतरित करने की विधिवत प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके साथ ही प्रत्येक मतदान केंद्र पर बिजली, रैंप, पेयजल, शौचालय सहित अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
10 दिन तक चलेगा मतदाता सूची सत्यापन अभियान
बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को अगले 10 दिनों तक विशेष अभियान चलाकर मतदाता सूची का गहन परीक्षण करने के निर्देश दिए। इस दौरान मतदाताओं के नाम, आयु, संबंध तथा संबंधित व्यक्ति के नाम का दोबारा सत्यापन किया जाएगा। मतदाता सूची में किसी प्रकार की कमी या त्रुटि मिलने पर नियमानुसार फॉर्म-8 भरवाकर आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
12 नवंबर को प्रकाशित होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची
प्रदेश में एक जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान शुरू किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 12 नवंबर 2026 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। इसके बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक मतदाता अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण और सुनवाई 28 दिसंबर 2026 तक की जाएगी। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 4 जनवरी 2027 को प्रस्तावित है।
फॉर्म-7 को लेकर भी दी गई जानकारी
बैठक में राजनीतिक दलों को फॉर्म-7 के संबंध में भी जानकारी दी गई। निर्धारित प्रावधानों के अनुसार, दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने की पूरी अवधि के दौरान कोई मतदाता आक्षेपकर्ता के रूप में अधिकतम 10 फॉर्म-7 आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। वहीं, मतदाता सूची के सतत अद्यतन की अवधि में कोई व्यक्तिगत मतदाता प्रति माह अधिकतम पांच फॉर्म-7 आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।
बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित प्रदेश के सभी जनपदों के जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी उपस्थित रहे।

