उत्तराखंड के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही सरकार, 35 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी: मुख्यमंत्री धामी
‘देवभूमि से विकास संवाद कॉन्क्लेव’ में मुख्यमंत्री ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां, महिला सशक्तिकरण, रोजगार, पर्यटन, निवेश और पर्यावरण संरक्षण पर रखी सरकार की भावी रणनीति
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड आज विकास, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, पर्यटन और निवेश के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने बीते वर्षों में कई ऐसे ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव प्रदेश की अर्थव्यवस्था और आमजन के जीवन पर दिखाई देने लगा है। युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में अवसर देने से लेकर सीमांत गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने तक सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री शनिवार को होटल फेयरफील्ड, देहरादून में आयोजित ‘देवभूमि से विकास संवाद कॉन्क्लेव’ में प्रतिभाग कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की विकास यात्रा, सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से विचार रखे।
35 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। इसका परिणाम है कि अब तक 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां प्रदान की जा चुकी हैं। वर्ष 2021 में जब उन्होंने मुख्यमंत्री का दायित्व संभाला था, तब प्रदेश के सरकारी विभागों में लगभग 24 हजार पदों का बैकलॉग था। सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की और योग्य युवाओं को बिना सिफारिश, भ्रष्टाचार और नकल के आगे बढ़ने का अवसर दिया।
महिला सशक्तिकरण को मिली नई मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के निर्माण और विकास में मातृशक्ति की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है। महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है। प्रदेश में तीन लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में काम कर रही हैं। हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि मातृशक्ति उत्तराखंड को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
स्टार्टअप और होमस्टे की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि
रोजगार के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवाओं को रोजगार के लिए अपने घर और गांव से दूर न जाना पड़े। इसके लिए पर्यटन, होमस्टे, होटल व्यवसाय, टैक्सी संचालन, बागवानी और स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य में स्टार्टअप की संख्या लगभग 700 से बढ़कर 2,200 हो गई है, जबकि होमस्टे की संख्या चार हजार से बढ़कर आठ हजार से अधिक पहुंच गई है।
उन्होंने कहा कि आदि कैलाश यात्रा और सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम सीमांत गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
एसडीजी इंडेक्स में उत्तराखंड देश में प्रथम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का बजट वर्ष 2021 की तुलना में काफी बढ़ा है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) इंडेक्स में उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया है। पर्यटन के क्षेत्र में भी राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल रहे हैं। उत्तराखंड को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। मसूरी, रामनगर, मुक्तेश्वर सहित अन्य स्थानों पर इस दिशा में संभावनाएं विकसित की जा रही हैं।
विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी राज्य होने के कारण उत्तराखंड के सामने विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना बड़ी जिम्मेदारी है। प्रदेश का 70 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र वनाच्छादित है। हिमालय, ग्लेशियर, वन संपदा और जैव विविधता के संरक्षण का दायित्व केवल राज्य का नहीं, बल्कि पूरे देश और दुनिया का है।
उन्होंने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में आपदाओं को केवल अनियोजित निर्माण से जोड़कर देखना उचित नहीं है। जलवायु परिवर्तन और वैश्विक तापमान वृद्धि भी प्राकृतिक आपदाओं के महत्वपूर्ण कारण हैं। राज्य सरकार ऐसा विकास मॉडल अपना रही है, जिसमें इकोलॉजी और इकोनॉमी एक-दूसरे के पूरक हों।
यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक समरसता, देवभूमि की पवित्रता और मूल पहचान को सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता है। उत्तराखंड स्वतंत्र भारत में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला पहला राज्य बना है। उन्होंने कहा कि यूसीसी में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर किए गए प्रावधानों का उद्देश्य किसी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करना नहीं, बल्कि संबंधित व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
एक लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग
निवेश के संबंध में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक लगभग एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग हो चुकी है। इसके अतिरिक्त 24 से 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की तैयारी है। सरकार का लक्ष्य है कि निवेश केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा हों।
नशामुक्त उत्तराखंड के लिए समाज की भागीदारी जरूरी
मुख्यमंत्री ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए कहा कि नशे के खिलाफ केवल सरकार और पुलिस के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और युवाओं को भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभानी होगी। सामूहिक प्रयासों से ही उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वर्तमान की जरूरतों को पूरा करने के साथ आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए भी प्रतिबद्ध है। रोजगार, स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण, पर्यटन, निवेश, आधारभूत सुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सरकार नए संकल्पों के साथ विकास यात्रा को आगे बढ़ाती रहेगी।

