ग्रीन इंडिया मिशन के तहत आजीविका संवर्धन पर जोर, 559.16 करोड़ की कार्ययोजना तैयार
वर्ष 2031 तक की परिप्रेक्ष्य योजना की समीक्षा, वन पंचायतों में सी-बकथोर्न के पौधरोपण के निर्देश
देहरादून। राज्य वन विकास अभिकरण की 7वीं राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक में ग्रीन इंडिया मिशन (GIM) के तहत वर्ष 2031 तक की परिप्रेक्ष्य योजना की समीक्षा की गई। सचिवालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रमुख सचिव, वन एवं पर्यावरण आर.के. सुधांशु ने अधिकारियों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और स्थानीय समुदायों की आजीविका बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश में अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने ग्रीन इंडिया मिशन के तहत आजीविका संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों को प्राथमिकता देने तथा इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने वन पंचायतों में भी सी-बकथोर्न का पौधरोपण करने और आजीविका संवर्धन से संबंधित विषयों पर जल्द बैठक आयोजित करने को कहा।
तीन योजनाओं का हो रहा संचालन
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य वन विकास अभिकरण (SFDA) के अंतर्गत वर्तमान में ग्रीन इंडिया मिशन, नगर वन योजना और स्कूल नर्सरी योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। अभिकरण का अगले पांच वर्षों यानी वर्ष 2031 तक के लिए नवीनीकरण किया गया है। बैठक में ग्रीन इंडिया मिशन की परिप्रेक्ष्य योजना, कार्यकारिणी समिति तथा केंद्र सरकार की ओर से मिशन के क्रियान्वयन के लिए जारी दिशा-निर्देशों और संबंधित दस्तावेजों की जानकारी भी दी गई।
559.16 करोड़ रुपये की वित्तीय आवश्यकता
अधिकारियों ने बताया कि ग्रीन इंडिया मिशन के तहत तीन सब-मिशन में कार्य किए जाने हैं। वर्तमान परिप्रेक्ष्य योजना के क्रियान्वयन के लिए कुल 559.16 करोड़ रुपये की वित्तीय आवश्यकता का आकलन किया गया है। योजना के माध्यम से वन संरक्षण, हरित क्षेत्र के विकास और स्थानीय समुदायों की आजीविका को बढ़ावा देने से संबंधित कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
31.45 करोड़ की वार्षिक परिचालन योजना भेजी
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि ग्रीन इंडिया मिशन के नए कार्यों को छोड़कर जुलाई 2025 और मई 2026 में कुल 31.45 करोड़ रुपये की वार्षिक परिचालन योजना (APO) भारत सरकार को भेजी गई है। धनराशि स्वीकृत होने और अवमुक्त किए जाने के बाद स्थानीय समुदायों की आजीविका के विकास के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जाएंगे।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) कपिल लाल, पीसीसीएफ (वन्यजीव) नीना ग्रेवाल, एपीसीसीएफ (प्रोजेक्ट) विवेक पांडेय, अपर प्रमुख वन संरक्षक एवं नोडल अधिकारी (वन संरक्षण) मीनाक्षी जोशी, अपर सचिव नवनीत पांडेय, विक्रम सिंह यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारी भौतिक एवं वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

