पीएमजीएसवाई से बदली पहाड़ के गांवों की तस्वीर, 1860 गांवों तक पहुंची सड़क
तीन चरणों में ₹11,595 करोड़ की लागत से 21,915 किमी सड़कों का निर्माण पूरा, चौथे चरण में 309 गांव जल्द जुड़ेंगे
देहरादून। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) ने उत्तराखंड के दूरस्थ और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में ग्रामीणों की जिंदगी को नई रफ्तार दी है।कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच सड़क पहुंचने से गांवों की मुख्यधारा से कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। योजना अब अपने चौथे चरण में प्रवेश कर चुकी है।
पीएमजीएसवाई के तीन चरणों में ₹11,595 करोड़ की लागत से 21,915 किमी लंबाई की 2,826 सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है। इन सड़कों से प्रदेश के 1,860 गांव लाभान्वित हुए हैं। सड़क संपर्क बेहतर होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होने के साथ पर्यटन, कृषि और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिली है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रदेश सरकार दूरदराज के सभी गांवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।पीएमजीएसवाई की सड़कों से विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज पहुंचने में सुविधा मिल रही है, वहीं मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। किसानों के लिए अपनी उपज को मंडियों तक पहुंचाना भी आसान हुआ है।
मुख्यमंत्री धामी का दूरस्थ और दुर्गम गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष फोकस है। सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पीएमजीएसवाई के माध्यम से अधिक से अधिक गांवों को लाभान्वित करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए मुख्यमंत्री लगातार केंद्र सरकार के समक्ष प्रदेश की जरूरतों की पैरवी करते रहे हैं।
पीएमजीएसवाई-4 में 309 गांवों को सड़क सुविधा
पीएमजीएसवाई-4 के प्रथम चरण में 309 गांव जल्द सड़क नेटवर्क से जुड़ेंगे। इसके लिए कवायद तेज कर दी गई है। इस चरण में ₹1,707 करोड़ की लागत से 1,228.20 किमी लंबाई की 184 सड़कों का निर्माण किया जा रहा है।
पीएमजीएसवाई-4 के तहत उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में कुल 1,479 सड़कों का निर्माण प्रस्तावित है, जिनकी कुल लंबाई 9,344 किमी होगी।
चौथे चरण के प्रथम चक्र में पौड़ी गढ़वाल के सर्वाधिक 68 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जा रहा है। अल्मोड़ा और टिहरी के 47-47, बागेश्वर के 35, पिथौरागढ़ के 25, नैनीताल और उत्तरकाशी के 24-24, चमोली के 17, देहरादून और रुद्रप्रयाग के 10-10 तथा हरिद्वार के दो गांव सड़क सुविधा से लाभान्वित होंगे।
