टिहरी झील को ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ बनाने की तैयारी

टिहरी झील को ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ बनाने की तैयारी

टिहरी झील को ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ बनाने की तैयारी

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र का समग्र मास्टर प्लान तैयार करने के दिए निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में पर्यटन विभाग के साथ बैठक में टिहरी झील को ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित करने के लिए समग्र मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टिहरी झील क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए दीर्घकालिक और सुनियोजित प्लानिंग जरूरी है।

मुख्य सचिव ने टिहरी झील के आसपास करीब 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल करते हुए समग्र मास्टर एवं जोनल प्लान तैयार करने को कहा। इसमें सरकारी और निजी दोनों प्रकार की भूमि को शामिल किया जाएगा। बेतरतीब विकास को रोकने के लिए क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों, स्थानीय आवश्यकताओं और पर्यावरणीय संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न जोन निर्धारित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि झील क्षेत्र में विभिन्न पर्यटन गतिविधियों को समाहित करते हुए प्रमुख ‘मैग्नेट एरिया’ विकसित किए जाएं। इसके लिए फेजवाइज योजना तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाए। पर्यटन गतिविधियों की ऐसी योजना बनाने के निर्देश दिए गए, जिससे पर्यटक टिहरी झील क्षेत्र में कम से कम एक-दो दिन या उससे अधिक समय तक ठहर सकें।

मुख्य सचिव ने अप्रैल, मई और जून में जलस्तर कम रहने के दौरान भी पर्यटन गतिविधियां जारी रखने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने को कहा। मौसम और जलस्तर के अनुसार वर्षभर की पर्यटन गतिविधियों का कैलेंडर तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही नए ट्रैकिंग रूट एवं ट्रेल्स विकसित करने और आसपास के गांवों को पर्यटन से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।

उन्होंने कहा कि विलेज एवं कल्चरल विजिट की व्यवस्था विकसित कर पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, परंपराओं, खान-पान और ग्रामीण जीवन से परिचित कराया जा सकता है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

मुख्य सचिव ने टिहरी झील को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की समग्र कार्ययोजना और प्रस्तावित गतिविधियों पर विस्तृत प्रजेंटेशन तैयार करने के निर्देश दिए, जिसे प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने अगली बैठक में टीएचडीसी के अधिकारियों को भी आमंत्रित करने को कहा, ताकि झील क्षेत्र के विकास से जुड़े विषयों पर समन्वित चर्चा हो सके।

बैठक में सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, एपीसीसीएफ डॉ. विवेक पाण्डेय, सुरेन्द्र मेहरा, सीसीएफ प्रसन्ना कुमार पात्रो, अपर सचिव विनीत कुमार, हिमांशु खुराना, अभिषेक रोहिला तथा जिलाधिकारी टिहरी नितिका खण्डेलवाल मौजूद रहे।

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