देहरादून में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने IFS प्रशिक्षु अधिकारियों को किया संबोधित
देहरादून।उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने देहरादून स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (IGNFA) में भारतीय वन सेवा (IFS) के 2025-2027 बैच के परिवीक्षार्थियों और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रॉयल भूटान वन सेवा के अधिकारियों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत@2047 की दिशा में आगे बढ़ते हुए ये अधिकारी देश के वनों, वन्यजीवों, जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वर्ष 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने में भारतीय वन सेवा का योगदान अहम होगा।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि विकास और संरक्षण एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने अधिकारियों से पारिस्थितिकी सुरक्षा, आजीविका, विकास और भावी पीढ़ियों के हितों के बीच संतुलन स्थापित करने का आह्वान किया।
उन्होंने वानिकी क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के बढ़ते महत्व पर जोर देते हुए रिमोट सेंसिंग, GIS, ड्रोन, AI और डेटा आधारित प्रणालियों को क्षेत्रीय अनुभव, विवेकपूर्ण निर्णय क्षमता और जनसंवेदनशीलता के साथ अपनाने की बात कही।
महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान बैच में लगभग 17 प्रतिशत महिला अधिकारी हैं।
उन्होंने इसे नारी शक्ति का उत्साहजनक उदाहरण बताया और सभी प्रशिक्षु अधिकारियों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए “राष्ट्र प्रथम” की भावना से कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त), मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, IGNFA निदेशक डॉ. राजेंद्र प्रसाद, कोर्स निदेशक श्रीमती अजीता लोंगजाम सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
