उत्तराखंड

कांवड़ यात्रा से पहले नीलकंठ, गरुड़चट्टी और बीन नदी क्षेत्र में तैयारियां तेज, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

कांवड़ यात्रा से पहले नीलकंठ, गरुड़चट्टी और बीन नदी क्षेत्र में तैयारियां तेज, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

यमकेश्वर। आगामी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जनपद मुख्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में समीक्षा बैठक कर विभिन्न विभागों की तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में नीलकंठ महादेव मंदिर क्षेत्र, यात्रा मार्गों, पार्किंग स्थलों, पेयजल, स्वास्थ्य, स्वच्छता, विद्युत, यातायात और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि यात्रा से जुड़े स्थायी प्रकृति के सभी कार्य 10 जुलाई तक हर हाल में पूर्ण किए जाएं, ताकि कांवड़ियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने विभागों को आपसी समन्वय के साथ गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में नीलकंठ क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारों के स्थान पर मजबूत पुश्ते के निर्माण, पुलिया मरम्मत और मंदिर परिसर के ऊपरी हिस्से में स्थायी व्यू-कटर लगाने के निर्देश लोक निर्माण विभाग को दिए गए। वहीं गरुड़चट्टी से पीपलकोटी मोटर मार्ग पर बीएम कार्य, इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने और अन्य मरम्मत कार्यों को 10 जुलाई तक पूरा करने के निर्देश दिए गए।

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नगर पंचायत जोंक को अतिरिक्त शौचालयों की व्यवस्था के लिए 5.50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही मोबाइल टॉयलेट्स की शीघ्र स्थापना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

यात्रा मार्गों पर सुरक्षा और सुविधा बढ़ाने के लिए मोटर व पैदल मार्गों का स्पष्ट चिन्हीकरण, बैरिकेडिंग, दिशा-सूचक बोर्ड और सुरक्षा संकेतक लगाने के निर्देश दिए गए। स्वच्छता व्यवस्था को लेकर नीलकंठ क्षेत्र में पड़े लीगेसी वेस्ट के निस्तारण का कार्य 15 जुलाई तक पूरा करने तथा यात्रा के दौरान नियमित सफाई और कूड़ा प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में बीन नदी एवं घासीराम क्षेत्र की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने यहां सोलर लाइट स्थापित करने, पार्किंग स्थलों का समतलीकरण कराने तथा श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, विद्युत और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही पार्किंग स्थलों और पैदल मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

पेयजल व्यवस्था के तहत पुण्डरासू पंपिंग योजना से निर्बाध जलापूर्ति बनाए रखने, वाटर एटीएम और पेयजल टंकियों को समय से स्थापित करने तथा शौचालयों में पानी की उपलब्धता की निगरानी के निर्देश दिए गए।

विद्युत व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने, बैकअप व्यवस्था तैयार रखने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के तहत संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और पुलिस-प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।

स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि नीलकंठ और पुण्डरासू में 24 घंटे स्वास्थ्य शिविर संचालित रहेंगे, जबकि अन्य नौ स्थानों पर भी चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे। जिलाधिकारी ने पर्याप्त दवाइयों और स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा नालियों की सफाई, जलभराव रोकने के उपाय, आपदा प्रबंधन टीमों की सक्रियता, अग्निशमन सुरक्षा और आपातकालीन मार्गों को सुचारु बनाए रखने के निर्देश भी संबंधित विभागों को दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत और यातायात से जुड़ी सभी सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध कराई जाएं, ताकि यात्रा का संचालन सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।

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